जिजीविषा - शैफाली
संपर्क
चैनल
एलबम
संगीत
फ़ोटोज़
वीडियोज़
ब्लॉग्स
मुख पृष्ठ
Welcome, Guest [
Register
|
Sign In
Sign In
Forgot Password?
New User?
|
Take a tour
|
Adult Filter
:
On
]
[x]
Search In:
Webdunia
MyWebdunia (Hindi)
For contents of type
For portals
This Portal (sshaifaly)
For
Search
टैग्स
: नायिका
ब्लॉग्स (8)
| फ़ोटोज़ (0) | वीडियोज़ (0) | संगीत (0)
नेविगेट करें
मार्च 2010
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
फ़र
|
आज
| अप्रैल
टैग्स
अतिथि
अन्य
ईश्वर्
ऑटोमोबाइल
कविता
कहानी
कार्यक्रम
किताबें
कुछ
कुमारी
खेल
गीत-संगीत
जन्म
जीवन-शैली
त्रिकोण
देव
नादानी
नायिका
पर्यटन
पापा
पिछला
पुस्तकसमीक्षा
प्रकृति
प्रेम
फनी
बब्बा
ब्लॉग
ब्लॉग्स
मनोरंजन
माँ
मायवेबदुनिया
मीना
मौला
रात
विघ्नकर्ता
विविध
विशेष
शैक्षणिक
शैफाली
सपने
समाचार
सिनेमा
सेहत
हॉलीवुड
ख़ुदा
ब्लॉग्स (8)
ध्यानस्थ अभय देओल
ध्यान की चर्चा इन दिनों बहुत है। कामयाबी के लिए पागल इस दुनिया में ध्यान को भी कामयाबी का एक मंत्र, एक टोटका मान लिया गया है। कुछ नकली बाबा तो दावा करते हैं कि ध्यान से आप में दुनिया को जीतने की ताकत आ जाएगी। पर क्या वाकई ध्यान कामयाबी का कोई टोटका है? ...
आगे पढ़ें...
चैनल
:
लायब्रेरी
टैग्स
:
विघ्नकर्ता
विशेष
नायिका
अन्य
विविध
पर्यटन
सिनेमा
प्रेम
प्रकृति
सेहत
जीवन-शैली
मनोरंजन
फनी
खेल
समाचार
गीत-संगीत
शैक्षणिक
कार्यक्रम
ऑटोमोबाइल
पुस्तकसमीक्षा
किताबें
कहानी
कविता
प्रतिक्रियाएँ[0] |
244 दृश्य | 4.86 रेटिंग
Topiwala Shaifaly
द्वारा 11 अक्टूबर, 2009 7:29 PM पर पोस्टेड
#
अमिताभ का जवाब
रहस्यमयी रेखा (रेखा के जन्मदिन पर अमृता प्रीतम की कविता)मैंने तो कहा था-तू साथ चलती रहेऔर मैं कभी न थकूँ!मैंने यह कब कहा था-कि अपनी राह के आगे कोई घर न होपैरों तले भटकन का लंबा सफर बीच जाएएक चुंबन के छोड़ बनाने की खातिरबेगानी ओट से पनाह मांगे!मैंने तो कहा ...
आगे पढ़ें...
चैनल
:
पिछले जन्मों की यादें
टैग्स
:
विशेष
नायिका
अन्य
विविध
पर्यटन
सिनेमा
प्रेम
प्रकृति
सेहत
जीवन-शैली
मनोरंजन
फनी
खेल
समाचार
गीत-संगीत
शैक्षणिक
कार्यक्रम
ऑटोमोबाइल
जन्म
पिछला
प्रतिक्रियाएँ[2] |
247 दृश्य | 4.84 रेटिंग
Topiwala Shaifaly
द्वारा 11 अक्टूबर, 2009 12:19 PM पर पोस्टेड
#
रहस्यमयी रेखा
मैं तुम्हें फिर मिलूँगीकहाँ? किस तरह? नहीं जानतीशायद तुम्हारे तख़्यिल की चिनगारी बनकरतुम्हारे कैनवस पर रहस्यमय रेखा बनकरख़ामोश तुम्हें देखती रहूँगीया शायद सूरज की किरण बनकर तुम्हारे रंगों में घुलूँगीया रंगों की बांहों में बैठकरतुम्हारे कैनवस को लिपटूँगीपता ...
आगे पढ़ें...
चैनल
:
पिछले जन्मों की यादें
टैग्स
:
नायिका
अन्य
विविध
पर्यटन
सिनेमा
प्रेम
प्रकृति
सेहत
जीवन-शैली
मनोरंजन
फनी
खेल
समाचार
गीत-संगीत
शैक्षणिक
कार्यक्रम
ऑटोमोबाइल
जन्म
पिछला
प्रतिक्रियाएँ[2] |
201 दृश्य | 4.81 रेटिंग
Topiwala Shaifaly
द्वारा 10 अक्टूबर, 2009 7:15 PM पर पोस्टेड
#
अन्य >>
लोड हो रहा है...