जॉनी डेप- चाहत के समंदर का प्यारा लुटेरा
जॉनी डेप

वह थोड़ा-सा खतरनाक है, वह रहस्यमय है, उसमें महान ऊष्मा है- ये सब चीज़ें केवल उसकी आँखों में देखी जा सकती हैं | यही उसके आकर्षण की चाबियाँ है |
मैं उन बातों का पछतावा नहीं करता, जिन्हें मैंने नहीं किया और उनका भी नहीं, जिन्हें मैंने किया | आप इसे मूर्खता कह सकते हैं, लेकिन यह मेरे जीने का तरीका है | हर काम वैसे ही हुआ जैसा उसे होना चाहिए था, यहां तक कि बदतर काम भी जो मैंने शुरुआत में किए |
अपनी कमियों के लिए अपने भूतकाल और दूसरों को दोष देना बहुत आसान है, लेकिन मैं इतना आलसी हूँ कि यह काम नहीं करना चाहता |
जब मैं 30 साल का हुआ तो इस बात को लेकर संतुष्ट नहीं था कि 40 में भी मैं वही कर पाऊँगा | संभव है मेरे अंदर जो बुराइयाँ विकसित हुईं, मुझे उन सभी से होकर गुजरना था, जिससे कि मैं वहाँ पहुँच सकूं, जहाँ जीवन का आनंद ले सकूं |
जीवन के सूत्र सिर्फ़ संत-महात्मा या सुसभ्य, उच्च विचारों वाले विद्वानों के पास से ही नहीं, बल्कि ऐसे लोगों के पास भी मिलेंगे, जिन्होंने ज़िंदगी को भरपूर जिया हो, जॉनी डेप उन्हीं में से एक है, जिसके कहें हुए ये कथन मुझे काफी प्रभावित करते हैं| - शैफाली 'नायिका'