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जॉनी डेप- चाहत के समंदर का प्यारा लुटेरा
जॉनी डेप वह थोड़ा-सा खतरनाक है, वह रहस्यमय है, उसमें महान ऊष्मा है- ये सब चीज़ें केवल उसकी आँखों में देखी जा सकती हैं | यही उसके आकर्षण की चाबियाँ है | मैं उन बातों का पछतावा नहीं करता, जिन्हें मैंने नहीं किया और उनका भी नहीं, जिन्हें मैंने किया | आप इसे ...
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चलो तुमको लेकर चलें....
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Topiwala Shaifaly
द्वारा 22 जनवरी, 2009 11:56 AM पर पोस्टेड
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पापा से अब कोई शिक़ायत नहीं
आज फिर सुबह-सुबह पापा का सपना साथ लिए जागी हूँ| और साथ ही एक शिक़ायत-सी ज़ुबान पर आ गई, जैसे पापा से कह रही हूँ कि मेरे जन्म लेने के बाद से आज तक मुझे ऐसा कोई दिन याद नहीं आता जब मुझे आपका किसी भी काम के लिए मार्ग दर्शन मिला हो| ज़िंदगी की छोटी से छोटी और ...
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Topiwala Shaifaly
द्वारा 21 जनवरी, 2009 12:55 PM पर पोस्टेड
#
शीशे का बदन
कितना हलका-सा, हलका-सा तन हो गयाजैसे शीशे का सारा बदन हो गयागुलमोहर के-से फूलों में बिखरी हुई कहकशां के-से रास्ते पे निखरी हुई मेरी पलकों पे मोती की झालर सजीमेरे बालों ने अफ़शां (सिंदूर्) की चादर बुनी मेरे आंचल ने आँखों पे घूंघट कियामेरी पायल ने सबसे पलट ...
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Topiwala Shaifaly
द्वारा 16 जनवरी, 2009 4:11 PM पर पोस्टेड
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