
तुझसे मिलने से पहलेज़िंदगी एक तलाश थी, जैसे एक जिस्म की चाह होकिसी भटकती रूह को। तुझसे मिलने से पहले ज़िंदगी एक तलाश थी जैसे एक रूह की चाह हो किसी खाली जिस्म को। तुझसे मिलने के बाद रूह रिहा हो गई है जिस्म के दायरे से तुझसे मिलने के बाद ज़िंदगी बच गई है ...
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