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2 जुलाई, 2008


ब्लॉग्स (1)
मैं खाली हूँ जैसे सूरज अपनी किरणों को धरती को देकर खाली हो गया मैं खाली हूँ जैसे चाँद अपनी चाँदनी आसमां को देकर खाली हो गया मैं खाली हूँ जैसे नदी अपना पानी समन्दर को देकर खाली हो गईमैं खाली हूँ जैसे माँ की कोख बच्चे को जन्म देने के बाद खाली हो जाती है फिर ... आगे पढ़ें...