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जुलाई 2008


ब्लॉग्स (28)
वो एक पूरा संवाद था जब तुमने कहा था ऐसा कुछ विशेष नहीं हमारे बीच जो रहे सदियों तक और हम उस सदी को हर पल जीते रहें। वो पूरा संवाद था जिसे मैं उठाकर लाई थी अपनी पलकों के किनारे पर रखकर बावजूद इसके कि वह ऊपर से छलक रहा थावो पूरा संवाद था जिसे मैं नाराज़गी ... आगे पढ़ें...

जब हमें ऊपरवाले से शिकायत करना होती है, उसे विनती करना होती है, उसे प्यार करना होता है या उससे लड़ाई करना होती है तो हम कुछ अलग तरह के गीतों का उपयोग करते हैं। कुछ लोग उसे सूफ़ी गीत कहते हैं कुछ उसे भजन कहते हैं।गीत के बोल अलग हो जाते हैं, कभी कभी संगीत भी ... आगे पढ़ें...

मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते कभी रात की चादर पर पड़ी सलवटों से चुभते हैं तो कभी दिन के आसमां से जलती धूप से बरसते हैंमैं अकसर रातों में उठकरउन सलवटों को हटाता हूँ और भरी दोपहर काला चश्मा पहनकर निकलता हूँ। यदि रात एक करवट में निकाल भी लूँ तो पीठ का दर्द ... आगे पढ़ें...