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जिजीविषा - शैफाली कहाँ किसी के लिए है मुमकिन सब के लिए एक सा होना, थोड़ा सा दिल मेरा बुरा है, थोड़ा भला है सीने में, दिल जिस चीज को हाँ कहता है, ज़ेहन उसी को कहता है न इश्क में उफ ये खुदी से लड़ना एक सजा है सीने में ये दुनिया ही जन्नत थी, ये दुनिया ही जन्नत है, सब कुछ खो कर आज ये हम पर भेद खुला है सीने में आवारापन बंजारापन एक ख़ला है सीने में, हर दम हर पल बेचैनी है, कौन बला है सीने में...........-सईद कादरीआगे पढ़ें... 

मैं तुमसे हूँ -2
जब सही अर्थों में लिखना शुरू किया था तब लगा था मुझे मेरे हर्फ़ों से इश्क़ हो गया है, वो शुरुआती दिनों ... Topiwala Shaifaly द्वारा 9 जुलाई, 2008 9:40:00 AM IST पर पोस्टेड
जॉनी डेप- चाहत के समंदर का प्यारा लुटेरा
जॉनी डेप वह थोड़ा-सा खतरनाक है, वह रहस्यमय है, उसमें महान ऊष्मा है- ये सब चीज़ें केवल उसकी आँखों ... Topiwala Shaifaly द्वारा 22 जनवरी, 2009 11:56:00 AM IST पर पोस्टेड
त्रिकोण
त्रिकोण के तीन कोण परस्पर आधारित, एक-दूसरे के सामने एक-दूसरे के होने का आभास दिलाते हैं कोई एक ... Topiwala Shaifaly द्वारा 7 दिसंबर, 2008 4:34:00 PM IST पर पोस्टेड
पापा से अब कोई शिक़ायत नहीं
आज फिर सुबह-सुबह पापा का सपना साथ लिए जागी हूँ| और साथ ही एक शिक़ायत-सी ज़ुबान पर आ गई, जैसे पापा से ... Topiwala Shaifaly द्वारा 21 जनवरी, 2009 12:55:00 PM IST पर पोस्टेड
शीशे का बदन
कितना हलका-सा, हलका-सा तन हो गया जैसे शीशे का सारा बदन हो गया गुलमोहर के-से फूलों में बिखरी हुई ... Topiwala Shaifaly द्वारा 16 जनवरी, 2009 4:11:00 PM IST पर पोस्टेड
जीवन एक मंथन
जीवन एक मंथन सा हो चला है जहाँ से पहले विष ही निकलता है अमृत निकलने का विश्वास भी है प्रतीक्षा है तो ... Topiwala Shaifaly द्वारा 18 जुलाई, 2008 12:12:00 PM IST पर पोस्टेड
देखो इन्हें ये ओस की बूँदें
किशोरावस्था अर्थात 12 से लेकर 18 साल तक की उम्र जिसके पहले एक बच्चे की देखभाल माता-पिता के हाथ में ... Topiwala Shaifaly द्वारा 16 सितंबर, 2008 4:48:00 PM IST पर पोस्टेड
अभिमान
अतिथि- रजनीगन्धा NAME: रजनी भार्गव LOCATION: PLAINSBORO, NEW JERSEY, UNITED STATES ... Topiwala Shaifaly द्वारा 12 जुलाई, 2008 4:38:00 PM IST पर पोस्टेड
कुछ कुछ
इंतज़ार की रात बहुत अंधेरी थी लेकिन देह का दिया प्रकाशित कल हवा भी चली तो धीमे-धीमे ... Topiwala Shaifaly द्वारा 25 नवंबर, 2008 6:07:00 PM IST पर पोस्टेड
संशयों वाली एक रात
संशयो वाली रात में मस्तिष्क से प्रश्नों की झड़ी निकल रही थी, जिनसे वस्तु तुल्य हृदय का कोई लेना देना ... Topiwala Shaifaly द्वारा 23 अगस्त, 2008 11:45:00 AM IST पर पोस्टेड
एक अदद आदमी एक अदद औरत
एक अदद आदमी एक अदद औरत बस मुझे प्रकृति रहने दो इससे कम मुझे जिस्म नहीं होना इससे ज्यादा मुझे रूह ... Topiwala Shaifaly द्वारा 19 अगस्त, 2008 12:19:00 PM IST पर पोस्टेड